युवाओं और छात्रों के अगवाकर बने महेन्द्रनाथ यादव, विधानसभा में रोजगार-छात्रवृत्ति पर सरकार से तीखे सवाल।


        बस्ती। बजट सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने बेरोजगारी, सरकारी भर्ती और छात्रवृत्ति जैसे ज्वलंत मुद्दों को प्रभावी ढंग से विधानसभा में उठाकर युवाओं और छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से सामने रखा।
        तारांकित प्रश्न के माध्यम से विधायक ने श्रम एवं सेवा योजन मंत्री से पूछा कि प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं तथा बीते दो वर्षों में कितने युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की अपेक्षा कर रहा है।
विधायक ने छात्रहित का मुद्दा उठाते हुए पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की शर्तों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अल्प आय के साथ अंक प्रतिशत की अनिवार्यता के कारण अनेक प्रतिभाशाली छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते हैं। सरकार को इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति केवल आय के आधार पर दी जाए तथा आय सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाए, जिससे मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग नरेन्द्र कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि उपलब्ध बजट की सीमा के अंतर्गत पात्र छात्र-छात्राओं को नियमानुसार लाभ दिया जाता है।

एक टिप्पणी भेजें

आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद

और नया पुराने