अयोध्या। राम नगरी में विकास प्राधिकरण ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बताते हुए तीन भवनों को सील कर दिया। इनमें दो भवनों के स्वामी बीपी चौरसिया ने उसी समय नोटिस से लेकर सीलिंग की कारवाई चंद घंटे में करने का आरोप लगाया था। प्राधिकरण के द्वारा बदले की कारवाई बताते हुए उन्होने आत्महत्या की धमकी दी थी। सोमवार को वह विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह से मिलने गये थे। जहां से लौटने के बाद चौरसिया ने आत्महत्या का प्रयास किया। इस मामले को लेकर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने विशाल सिंह कहा कि सब फर्जी है। उसने बताया कि इसके बाद उसके पिता घर आ गये और अपने कमरे में चले गये जहां उन्होने दवाई का ओवरडोज ले लिया। जिसके बाद उन्हें दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया।
मामले में विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह का कहना है कि तीन भवनों का व्यवसायिक इस्तेमाल हो रहा है। अवासीय नक्शें अगर पास भी होंगे तो भी यह दलदल की भूमि पर बनाया गया है। जिसकी जांच हो रही है। यहां हास्पिटल व गेस्ट हाउस है। अगर कोई जनहानि हो गयी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। दबाव बनाने के लिए आत्महत्या करने की धमकी दी जा रही है तथा उसकी वीडियों वायरल की जा रही है। इस सम्बंध में थाने व एसएसपी को अवगत करा दिया गया है।