मिल्कीपुर-अयोध्या। छात्रवृत्ति में विसंगति को लेकर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अंतर्गत पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रदर्शन किए जाने के बाद बौखलाए अधिष्ठाता छात्र कल्याण की ओर से नेतृत्वकर्ता दो छात्र एवं दो छात्राओं को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया था। मामले को संदेश वाहक ने प्रमुखता से उजागर किया तब विश्वविद्यालय प्रशासन नींद से ज्यादा और प्रकरण में यू-टर्न ले लिया। फजीहतों के बाद आखिरकार अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा डी नियोगी द्वारा छात्रावास निष्कासन संबंधी आदेश को विश्वविद्यालय प्रशासन ने वापस लेते हुए निष्कासित छात्र-छात्राओं को फिर से उन्हें अपने छात्रावास में पूर्व की भांति रहने की अनुमति प्रदान कर दी है। बताते चलें कि विगत 2 माह पूर्व कृषि विश्वविद्यालय स्थित पशुपालन एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र छात्राओं ने सरकार की ओर से प्रदान की जा रही छात्रवृत्ति विसंगति को लेकर कृषि विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना देते हुए प्रदर्शन किया था। जिसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक जांच कमेटी गठित कर दी थी जांच कमेटी द्वारा बिना कोई निर्णय दिए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ डी नियोगी ने वेटरनरी कॉलेज के फाइनल ईयर की दो छात्राओं प्रशंसा चौरसिया एवं निकिता सिंह सहित दो छात्रों को छात्रावास से निष्कासित किए जाने का आदेश दे दिया था। छात्रावास से निष्कासित किए जाने का फरमान जारी होने के बाद महिला छात्रावास की वार्डन ने दोनों छात्राओं को छात्रावास से बाहर का रास्ता दिखा दिया था, जिसके बाद घबराई दोनों छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर स्थित गेस्ट हाउस में रहने को विवश हो गई थी। हालांकि दोनों छात्राएं गेस्ट हाउस में अपने को पूरी तरह से असुरक्षित महसूस कर रही थीं। मामले को संदेशवाहक ने प्रमुखता से उजागर किया तब जाकर गहरी निद्रा में सोए कुलपति डॉ विजेंद्र सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यू-टर्न लेते हुए उनका छात्रावास निष्कासन संबंधी आदेश निरस्त किया गया।
छात्रावास से निष्कासित छात्र-छात्राओं के प्रकरण में विवि प्रशासन ने लिया यू-टर्न, दो छात्र एवं दो छात्राओं को अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने छात्रावास से कर दिया था निष्कासित।
byManas Samachar
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