लखनऊ। लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इन दिनों PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के तहत अलग-अलग जातियों व समाज को साधने में लगे हुए हैं। वे पिछड़ों व अल्पसंख्यक के साथ सर्वाधिक फोकस दलितों पर कर रहे हैं।
इन्हें लुभाने के लिए सपा मुखिया हर जतन कर रहे हैं। इसी के तहत अब दिसंबर में लखनऊ में आयोजित महादलित समाज कार्यकर्ता सम्मेलन में भी शामिल होंगे।
यूं तो प्रदेश में आरक्षित लोकसभा सीटों की संख्या 17 है किंतु 21 से 22 प्रतिशत दलित वोट बैंक अधिकतर सीटों पर निर्णायक स्थिति में है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा सभी 17 दलित सीटों को जीतने में सफल रही थी वहीं, 2019 के चुनाव में उसे 15 सीटों पर सफलता मिली थी जबकि दो सीटें बसपा की झोली में गईं थीं।