बाराबंकी। निजी संस्था में कार्यरत राजेश सिंह का घर रौनाही हैं। वह घर जाने के लिए भिटरिया में परिवहन निगम के बस अड्डा पहुंचे। वह आधा घंटे तक इंतजार करते रहे, बस अड्डे पर कोई बस नहीं आई। मजबूरन उनको दो किलोमीटर आगे जाकर एक ढाबे से बस पकड़ना पड़ा। इस परेशानी से दैनिक यात्रियों को नित्य गुजरना पड़ता है।
भिटरिया में बहुप्रतीक्षित बस अड्डा के संचालन से लोगों को आस जगी थीं, लेकिन ढाबा संचालकों व बस चालकों के गठजोड़ से उम्मीदों को धक्का लगा है। राजधानी से रामनगरी को जोड़ने वाले एनएच 27 पर यात्रियों की सुविधा के लिए भिटरिया चौराहे के पास अत्याधुनिक बस अड्डा बनाया गया।
खाद्य व रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का शुभारंभ भव्य समारोह के बीच परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया। लोकार्पण के डेढ़ माह बाद भी परिवहन निगम के बस अड्डे पर बसें नहीं रुकती हैं और ढाबों पर चालक परिचालक बसों का ठहराव करते हैं। यात्रियों के विरोध के बावजूद चालक अपनी पसंद के ढाबे पर ही बस रोकते हैं।चालक सदैव अपनी मनमानी करते है चालक परिचालक अपनी इच्छा से किसी भी प्राइवेट ढाबे पर बस रोक देते हैं, निगम प्रशासन को कोई चिंता ही नही रहती है। इतना पैसा खर्चा कर के बस स्टैंड बनवाकर पैसा बर्बाद ही तो हुआ। जब बसें बस स्टैंड पर नही रुकती।