ट्रैफिक पुलिस आम लोगों की गाड़ियों का आए दिन कर रही धड़ल्ले से चालान।
SP ऑफिस के सामने सड़क पर खड़ी रही नगर SHO की गाड़ी, होती रही परेशानी।
दूसरी गाड़ी के बगल में खड़ी पुलिस वाहन ने सड़क पर आवागमन को किया प्रभावित।
घंटों सड़क पर पुलिस की गाड़ी खड़ी रही, लेकिन कार्रवाई करने वाला आखिर कौन?
आम आदमी की गाड़ी दिखते ही नियम-कायदे याद, पुलिस वाहन पर नियम क्यों मौन?
क्या सड़क पर वाहन खड़ा करने का चालान सिर्फ आम जनता के लिए ही तय है?
पुलिस वाहन के लिए यातायात नियमों में कोई अलग व्यवस्था क्या, उठ रहा सवाल।
SP ऑफिस के आसपास चलता चालान अभियान, वहीं नियमों की अनदेखी क्यों?
आम लोगों को रोकने वाली ट्रैफिक पुलिस की नजर पुलिस वाहन पर क्यों नहीं पड़ी?
नगर SHO की गाड़ी सड़क पर खड़ी रही, ट्रैफिक पुलिस बंद किए रही आंख कान।
नियम सबके लिए बराबर हैं तो पुलिस वाहन पर कार्रवाई कब होगी,बड़ा सवाल।
चालान का डंडा आम आदमी पर ही चलेगा या पुलिस पर भी लागू होगा नियम?