अयोध्या । उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय आवाहन पर नगर मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम नगर मजिस्ट्रेट के द्वारा मांग पत्र सौंपा गया। यूनियन के जिला अध्यक्ष ने बताया कि केंद्रीय बजट में मनरेगा मजदूरों अन्य मजदूरों को कोई भागीदारी सुनिश्चित ना होने के कारण मनरेगा में कम किए गए बजट के तथा श्रम विभाग में संचालित योजना चिकित्सा लाभ के अंतर्गत ऑनलाइन साइट बंद कर दिए जाने के कारण श्रमिकों का भारी नुकसान होना यह दर्शाता है कि केंद्र व प्रदेश की सरकार पूरी तरीके से मजदूरों के हक और अधिकार को छीन लेना चाहती है, जो बेहद चिंता जनक है। ऐसी स्थिति में खेत मजदूर यूनियन ने निर्णय लेकर आज देश व प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन के माध्यम से मांग पत्र सौंपा।
इसी क्रम में आज तहसील तिकोनिया पार्क में एक मांग पत्र सौंपा गया जिसमें मांग किया गया कि खेत मजदूरों की बढ़ती हुई संख्या को ध्यान में रखते हुए मनरेगा का बजट 2 लाख करोड़ रूपया किया जाए तथा खेत मजदूरों को प्रतिवर्ष 200 दिन रोजगार की गारंटी सुनिश्चित किया जाए एवं मनरेगा में खेत मजदूरों के लिए ₹600 प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी दिया जाए एवं श्रम विभाग में श्रमिकों के लिए संचालित चिकित्सा योजना का लाभ श्रमिकों को दिए जाने का प्रावधान है किंतु विभाग द्वारा ऑनलाइन साइट बंद कर दिए जाने से श्रमिक ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं जिसके कारण व लाभ से वंचित हो रहे हैं और जिले पर विभाग के कर्मचारी मनमानी तरीके से कार्य को अंजाम दे रहे हैं, जिस कारण से श्रमिकों को उनके अधिकार का वाजिब लाभ जो सरकार द्वारा दिया जाता रहा है उससे उन्हें वंचित न किया जाए। सरकार द्वारा चिकित्सा लाभ योजना की ऑनलाइन साइट श्रम विभाग द्वारा खुलवाए जाए तथा श्रमिकों का पुनः आवेदन कराया जाए उन्हें दी जाने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। इन सब मांगों को लेकर मांग पत्र देने वालों में राम जी राम यादव, बीपत राम चौहान, राज कपूर, अमरजीत, राम कुमार सुमन, ओमप्रकाश, सुरेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।