साकेत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

    अयोध्या। महाविद्यालय का एक गौरवशाली इतिहास एवं परंपरा है । यह महाविद्यालय अपनी उत्कृष्टताओं के कारण डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय , अयोध्या के ऊपर प्रभारी रहता है । महाविद्यालय को विश्वविद्यालय के उत्कृष्टतम महाविद्यालयों की गणना में अग्रणी करना , कक्षाओं का सुचारू संचालन पहली प्राथमिकता है , महाविद्यालय को पिछले एक दशक से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा भवन निर्माण , प्रयोगशाला सुसज्जिकरण , अवस्थापना सुविधाओं के विकास , तकनीकी उन्नयन आदि के लिए कोई अनुदान नहीं प्राप्त हो सका है । प्राचार्य के रूप में मेरा पूरा प्रयास होगा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग , उच्च शिक्षा परिषद , उ 0 प्र 0 राज्य सरकार तथा अन्य वित्तीय अभिकरणों से विभिनन विकासात्मक कायों के लिये अनुदान प्राप्त कराया जाये ताकि महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण एवं सामयिक विकास किया जा सके, शैक्षणिक संस्थाए के तीन महत्वपूर्ण घट है- शिक्षक , विद्यार्थी , कर्मचारी और शैक्षणिक वातावरण एवं अनुशासन द्वारा जबावदी सुनिश्चित होती है , उसी ओर मैं प्रयत्नशील हूँ । नई शिक्षा नीति के तहत कई कमेटियों का गठन प्रक्रिया में है , नैक कराना सर्वोच्च प्राथमिकता- जो 2011 में ही समाप्त हो चुकी है,दीक्षांत समारोह का आयोजन -2013 के आयोजन के बाद दीक्षांत का आयोजन नहीं हुआ । दीक्षांत का आयोजन प्राथमिकताओं में शामिल है ,साकेत महाविद्यालय , जो कि पूर्वान्चल का सबसे बड़ा महाविद्यालय है को उसके पुराने गौरव से युक्त करना । अध्यापकों को शोध कार्य का राष्ट्रीय कार्यशालाओं के लिए प्रोत्साहित करना । आधुनिक तकनीकी प्रविधियों ( स्मार्ट , क्लास , स्मार्ट पुस्तकालय , आनलाईन माध्यम ) द्वारा शिक्षण एवं कार्यालयी संचालन को दक्ष बनाना ,प्रबंध समिति की मंशानुरूप बिना किसी भेदभाव के महाविद्यालय में अकादमिक गतिविधियों द्वारा सौहार्दपूर्ण पारिवारिक वातावरण सृजित करते हुये " ज्ञान का केन्द्र , कला का धाम " के रूप में पुनरूस्थापित करना ।

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