सुल्तानपुर समाचार: मोनू सिंह की ब्लाॅक प्रमुखी व बीडीसी सदस्यता निरस्त

      सुल्तानपुर। जिले की सियासत में गहरा दखल रखने वाले भद्र परिवार को शासन ने करारा झटका दिया है। धनपतगंज ब्लाॅक प्रमुख यशभद्र सिंह माेनू को दो वर्ष की सजा होने का हवाला देते हुए शासन ने उनकी क्षेत्र पंचायत सदस्यता और ब्लाॅक प्रमुखी निरस्त कर दी है। बृहस्पतिवार को जारी प्रमुख सचिव पंचायत राज के आदेश में दोनों पदों को रिक्त घोषित कर दिया गया है। इस प्रकरण पर संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए यशभद्र सिंह माेनू ने कहा कि समय आने पर जनता खुद न्याय करेगी।
    बृहस्पतिवार देर शाम जिलाधिकारी के पास पहुंचे इस आदेश से पूरे जिले में सियासी बवंडर खड़ा हो गया। पंचायत राज विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि यशभद्र सिंह माेनू को गिरोहबंदी करके एससी-एसटी समाज के व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाने का दोष सिद्ध हुआ है। इसलिए जिला पंचायत अधिनियम के तहत नैतिक अधमता का दोषी पाए जाने पर क्षेत्र पंचायत सदस्य व ब्लाॅक प्रमुख के पद से हटाने के लिए राज्यपाल ने स्वीकृति दे दी है।


   आदेश में कहा गया है कि धनपतगंज ब्लाॅक प्रमुख का पद अब रिक्त हो गया है। इस पद के संचालन के लिए अब नए सिरे से आदेश जारी किया जाएगा। शासन के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमुख पद से हटाए गए यशभद्र सिंह माेनू ने कहा कि क्षेत्र की जनता सारी सच्चाई जानती है। समय आने पर जनता खुद ही न्याय करेगी।
     2016 में ब्लॉक पर हुए बवाल में कोर्ट ने सुनाई थी सजा

      धनपतगंज ब्लॉक में पांच फरवरी 2016 में ब्लॉक प्रमुख का पर्चा दाखिल करने के दौरान दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके छोटे भाई यशभद्र सिंह माेनू और दो समर्थकों के खिलाफ कूरेभार थाने में केस दर्ज कराया था। इन लोगों पर बलवा, मारपीट, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। दो दिसंबर 2022 को एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट की न्यायाधीश एकता वर्मा ने दोष सिद्ध होने पर इन सभी को दो वर्ष की सजा सुनाई थी। ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल अपील अभी विचाराधीन है।

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