माझा जमथरा की भूमि प्रकृति परिवर्तन का मामला : किसानों ने की गाँव का सर्वे पूर्ण करवाने की माँग



     अयोध्या। विकास प्राधिकरण और किसानों के मध्य वार्ता सुझाव और आपत्ति निस्तारण की बैठक में किसानों भू स्वामियों ने जताया रोष , राजस्व प्रशासन पर लगाये तानाशाही के आरोप ! ग्रामसभा का नक़्शा तक नहीं बना ३५ सालों में ,राजस्व कर्मियों तक को नहीं पता कौन सी ज़मीन किसकी ? कौन सा गाटा कहाँ है ? ऐसे में जब खेवट दार भूस्वामियों के गाटे चिन्हित नहीं किए जा सकते तो नजूल के गाटों को किस विधा से चिन्हित किया जा रहा ?  बिना ग्राम का सर्वे पूरा किए मनमाने ढंग से किसी भी रकबे को नजूल बताकर जबरन कब्जा लेने का प्रशासन पर लगा गम्भीर आरोप ! ग्राम वसियों का आग्रह - ग्राम का सर्वे पूर्ण करवा कर नियमानुसार कार्य करे प्रशासन  

       ज्ञात हो कि अयोध्या विकास प्राधिकरण ने शहर अयोध्या फ़ैज़ाबाद से सटे ग्राम माझा जमथरा के गाटा संख्या 57 की लैंड यूज़ परिवर्तन की प्रक्रिया हेतु जनसामान्य से सुझाव और आपत्तियों के निस्तारण हेतु ७ मई को विकास प्राधिकरण सभागार में खुली बैठक का आयोजन किया था जिसमें प्राधिकरण उपाध्यक्ष , सचिव सहित कई अधिकारी और सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे ! सभी ने सामूहिक रूप से गाटा संख्या 57 की भूमि प्रकृति परिवर्तन का स्वागत करते हुए समस्त 57 number गाटे की भूमि प्रकृति बदलने की माँग की ! प्रशासन की योजना 57 numbar गाटे में नजूल की 517 बीघा भूमि के ३० एकड़ भूखंड की प्रकृति चेंज करने की योजना है जिसका सख़्त विरोध उपस्थित ग्राम वसियों ने किया ! ग्राम वसियों ने अनुरोध किया कि उनके साथ दोहरा मापदंड न अपनाया जाये उन्हें भी अयोध्या के विकास की योजनाओं में लाभार्थी बनाया जाना चाहिए ! एक तरफ़ प्रशासन उसी ग्राम सभा में अपने उपयोग के लिए भूमि प्रकृति परिवर्तन कर रहा है बड़े बड़े भवन बना रहा है वही दूसरी ओर ग्रामवासियों की नगरीय ज़मीन को जो शहर के सर्वाधिक नज़दीक और रामजन्मभूमि से सटी है उसे पार्क और खुला स्थान बताकर निष्प्रयोज्य कर दे रहा है ! प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम माझा जमथरा का कुल राजस्व क्षेत्रफल 3543 बीघा 13 बिस्वा है जो नगर अयोध्या फ़ैज़ाबाद से सटा हुआ है इस ग्राम सभा में गाटा संख्या 1 और गाटा संख्या 57 दो बड़े गाटे है जिनमे नजूल की बड़ी भूमि है गाटा संख्या 1 में 619 बीघा। और गाटा संख्या 57 में 517 बीघा भूमि नजूल सरकार की है ! सरकार की योजनाये इन्ही भूमि पर प्रस्तावित बताई जाती हैं ! किंतु इन योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे बड़ी बाधा 1984 के बाद आज तक गाँव का सर्वे न पूर्ण हो पाना है जिससे किसी भी खाते दार की भूमि का पृथक मानचित्र राजस्व अभिलेखों में उपलब्ध नहीं है ना ही नजूल की भूमियों के नम्बर्स का ऐसे में प्रशासन कैसे चिन्हित करेगा कि कौन सी भूमि नजूल है और कौन सी भूमि खाता धारक जमीदार की ? जब खाता धारक भू स्वामी की गाटे की भूमि की भौतिक स्थिति स्पष्ट नहीं की वो कहाँ पर है तो नजूल सरकार के गाटे कैसे चिन्हित किए जा सकते हैं ? बैठक में यह बिंदु उठाते हुए माझा जमथरा ग्राम के जमीदार अनिल द्विवेदी ने उपस्थित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए आग्रह किया कि ग्राम सभा माझा जमथरा का सर्वे पूर्ण कराया जाये जिससे नजूल और भू स्वामियों की भूमि की भौतिक स्थिति स्पष्ट हो सके और अयोध्या का सुनियोजित विकास हो सके ! उन्होंने खुली बैठक में यह भी माँग की कि नजूल प्रशासन यह स्पष्ट करे कि उनकी कितनी ज़मीन किस गाटे से 1984 के बाद से अब तक विभिन्न योजनाओं के लिए अधिग्रहीत की गई और कितनी ज़मीन क्षेत्रफल किस गाटे में शेष है ? बैठक में मौजूद एडीएम वित्त एवं राजस्व से ग्राम वसियों की चिंता साझा करते हुए अनिल द्विवेदी ने कहा कि राजस्व विभाग नजूल की ज़मीन बताकर २००४ में लगभग 800 beegha ज़मीन सरयू के बंधे के लिए ले चुका है लेकिन राजस्व अभिलेखों में नजूल का क्षेत्रफल से ये रक़बा आज तक नहीं घटाया गया ! परिक्रमा मार्ग में भी लगभग १००० बीघा ज़मीन नजूल के नाम पर ली गई लेकिन नजूल के रकबे से आज तक ये रक़बा घटाया नहीं गया 2021-24 के मध्य लगभग २०० बीघा ज़मीन गुप्तार घाट पर पार्क सौंदर्यी करण नजूल सरकार बताकर ली गई लेकिन अभिलेखों में आज भी नज़ूल का रक़बा कम नहीं हुआ ? ऐसी विसंगति की जाँच होनी चाहिए ! एडीएम वित्त और राजस्व से उन्होंने माँग की कि ग्रामवासियों के हितों का ध्यान रखते हुए यह तथ्य सार्वजनिक किया जाए कि अब तक कितनी भूमि नजूल द्वारा विभिन्न योजनाओं हेतु किन किन गाटों से कितने क्षेत्रफल की ली जा चुकी है और कितनी भूमि किन किन गाटों में नजूल सरकार की शेष है ? ग्राम वसियों ने माँग की कि जब तक यह स्थिति स्पष्ट न हो जाये कि नजूल सरकार की भूमि कहाँ है किन गाटों में कितनी शेष है उनका भौतिक सत्यापन न हो जाये , ग्राम का सर्वे पूर्ण न हो जाये किसी भी भूमि को नजूल बताकर सैकडो सालो से खेती कर रहे किसानों भू स्वामियों को बे दखल न किया जाये ! ग्रामवासी नगर विकास में सरकार के साथ है लेकिन विकास विधिसम्मत होना चाहिए ! प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पांडेय ने सुझावों का स्वागत किया और आश्वासन दिया कि शासन के संज्ञान में यह प्रकरण लाया जाएगा और ग्राम का सर्वे कार्य पूर्ण करवाकर ही विधिसम्मत तरीक़े से विकास योजनाये सृजित की जायेंगी !

इस बैठक में धर्मेंद्र सिंह शरद पाठक बाबा अश्विनी कपूर नवनीत प्रधान विशाल यादव पुनीत यादव अनिल द्विवेदी सुनीता पांडेय सहित सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे !

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