घरौनी के लिए भटक रहा दृष्टिहीन, आवासीय स्वामित्व योजना से वंचित।

अमानीगंज अयोध्या। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण आवासीय स्वामित्व योजना के अंतर्गत योगी आदित्यनाथ सरकार ने ग्रामीणों को ग्रामीण आवासीय अधिकार अभिलेख प्रदान करने की सेवा उपलब्ध की थी। मगर शासन के मंशा पर विलंब रहा है, और  ग्रामीणों को अपने घर का स्वामित्व प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। 
       शासन की मंशा है कि प्रत्येक ग्रामीण को उनके स्वामित्व का अधिकार मिले जिसका लोग आसानी से लाभ उठा सके। किन्तु तहसील प्रशासन द्वारा अभी तक सभी को धरौली नहीं मिल सकी है। एक ज्वलंत उदाहरण सामने आया है खंडासा गांव के निवासी जो दृष्टि हीन है उन्हीं के जुबान से सुनने पर पता चलता है कि लेखपाल द्वारा अभी तक धरौनी नहीं मिल सकी है।  एक दृष्टिहीन व्यक्ति भटक रहा है। क्योंकि दृष्टिहीन भवानी प्रसाद बार-बार तहसील का चक्कर नहीं काट सकता है इसलिए उनके द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए घरौनी की मांग की है, इस पर लेखपाल द्वारा अपनी जांच आख्या में स्पष्ट किया गया है कि "ग्राम खंडासा की धरौनी में प्रारूप 10 का निष्कासन अभी गतिमान है इसके निकलने पर प्रार्थी को वितरित की जाएगी।"  साथ ही प्रार्थना पत्र को निक्षेपित किए जाने हेतु अग्रसारित किया गया है। यह आख्या लेखपाल द्वारा 4 मई 24 को दी गई है लेकिन अभी तक रिपोर्ट के लगभग ढाई माह व्यतीत होने की बावजूद भी दृष्टिहीन व्यक्ति को घरौनी नहीं मिल पाई है। प्रमाण पत्र न मिलने के कारण दृष्टिहीन व्यक्ति थक हार कर घर बैठ गया है। अब उसने मीडिया से अपनी गुहार लगायी। तहसील प्रशासन को चाहिए कि इस कार्य को गतिमान करने के लिए विशेष ध्यान दें जिससे सभी को धरौनी जल्द से जल्द उपलब्ध हो जाए।

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