51 कुंटल फूलों से सजाया जा रहा है राममंदिर, 50 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान।


          अयोध्या। आज से अयोध्या में रामनवमी मेला आरंभ हो गया है। रामलला को दिव्य रसायन युक्त सरयू के पावन जल से वैदिक मंत्रों के बीच स्नान कराया गया। अनेक प्रकार के सुगंध लेप किए गए।इस प्रकार जड़ी-बूटियों के सुंगध वाले धूपों से पूरे गर्भगृह को सुवासित किया गया। भव्य श्रृंगार के बाद जब रामलला का पट खुला तो उनकी मोहिनी मूरत देखकर श्रद्धा से भक्तों के आंसू छलक उठे।
          भीड़ बढ़ने पर रामलला के दर्शन की अवधि बढ़ाए जाने पर राम मंदिर ट्रस्ट और सुरक्षा प्रशासन मिल कर विचार कर रहे हैं।

गुरु महिमा के साथ कथा का शुभारंभ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से राम मन्दिर परिसर में अंगद टीला वृंदावन से पधारे अतुल कृष्ण भारद्वाज ने गुरु की महिमा बताई। उन्होंने गुरु कृपा से एक सामान्य बालक के संत तुलसीदास बनने और श्रीराम चरित मानस की रचना का उल्लेख किया।  

           6 अप्रैल की महाआरती 5100 बत्ती की होगी सरयू आरती। सरयू महाआरती समिति के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास ने बताया कि रोज शाम सरयू की भव्य आरती आज से होगी। रामनवमी के दिन 6 अप्रैल की महाआरती 5100 बत्ती की होगी।  

देवी मंदिरों में भी उत्सव की धूम  अयोध्या के बड़ी देवकाली और छोटी देवकाली के गर्भगृह काे भव्य रूप से सजाया गया है। इन मंदिरों में सामूहिक रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ चल रहा है। मान्यता है कि बड़ी देवकाली भगवान श्रीराम की कुल देवी हैं। जबकि छोटी देवकाली सीता जी द्वारा पूजित हैं। विवाह के बाद सीता जी इनको जनकपुर से अपने साथ अयोध्या ले आईं थीं।

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