अब तक 6 लीगल नोटिस दिया जा चुका है।
डॉक्टर के के सिंह ने बताया कि अवैध कब्जे को खाली कराया जाए। अगर हमारी मांग नहीं मानी गई तो हम लोग सीएम योगी आदित्यनाथ के निवास तक मार्च करेंगे। केजीएमयू के लीगल एडवाइजर ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया गया कि साल 1902 में यहां छोटी सी मजार थी। इसके बाद कुछ लोगों ने इसके आसपास दुकानें और घर बना लिया था। अभी तक इन लोगों को छह लीगल नोटिस भेजे जा चुके हैं।
पहले से ही 5 दिन का दिया गया था अल्टीमेटम।
शनिवार सुबह जब डॉक्टरों उन्हें सामान हटाने के लिए कहने गए तो उन लोगों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर पथराव शुरू कर दिया। 26 अप्रैल को अवैध कब्जा हटाया जाएगा। इस संबंध में अतिक्रमणकारियों को पहले ही जानकारी दी गई थी।केजीएमयू ने नेत्र रोग विभाग के पास चल रही अवैध दुकानों को हटाने के लिए 19 अप्रैल को नोटिस दिया गया था। इसमें उन्हें 5 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था। केजीएमयू प्रशासन ने कहा कि नुकसान की भरपाई अतिक्रमणकारियों से की जाएगी।