अयोध्या। डॉ. राममनोहर लाेहिया अवध विश्वविद्यालय में अब ऐसी टाइल्स विकसित किए जाने की तैयारी हो रही है, जो बिजली तैयार करने में सहायक होगी। ये वही टाइल्स हैं, जो लोग अपने भवन में लगाते हैं, लेकिन सामान्य टाइल्स से यह थोड़ा अलग होगी। इसमें कुछ यंत्रों का संयोजन कर बिजली बनाई जा सकेगी।
यह शोध यदि लक्ष्य प्राप्त करता है तो ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह अत्यंत अहम कदम होगा। मुख्य अन्वेषक विवि के आइईटी संस्थान के डॉ. समरेंद्र सिंह हैं। इस शोध के लिए उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने 16.08 लाख रुपये की अनुसंधान परियोजना स्वीकृत की है।
इस शोध के लिए अब आवश्यक मैटीरियल व लैब का सेटअप किया जाना प्रारंभ हो गया है। इसी में टाइल्स की संरचना पर शोध किया जाएगा, जो ट्रांसड्यूसर का सहयोगी बन सके। इसमें टाइल्स पर मनुष्य के पांव पड़ने पर पैदा होने वाले दबाव की स्थैतिक ऊर्जा से बिजली तैयार की जाएगी।