गोरखपुर-अयोध्या नेशनल हाईवे-27 पर फ्लाईओवर के निर्माण में भूमि का मामला सुलझा लिया गया है। इससे फ्लाईओवर बनने का रास्ता साफ हो गया है। परियोजना अब सेकेंड चरण में पहुंच गई है। फ्लाईओवर बनने से इस मार्ग पर चिह्नित स्थलों पर दुर्घटनाओं पर ब्रेक लगेगा।
फ्लाईओवर के जाल से यातायात में हो रही किचकिच जल्द दूर होने की उम्मीद है। चालू सत्र में फ्लाईओवर के निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद बन गई है। भूमि मिलने के बाद अब मुआवजा की रकम संबंधित प्रक्रिया शुरू है।
जानने योग्य है कि गोरखपुर-अयोध्या सीमा तक नेशनल हाईवे के आवागमन में सुधार के लिए कार्ययोजना बनी थी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गोरखपुर, संतकबीरनगर व बस्ती सीमा के भीतर 12 दुर्घटना बाहुल्य जगहों पर फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था।
और वहां से मंजूरी भी मिल गई थी। चिह्नित स्थलों पर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सर्वे शुरू हुआ। पता चला कि वन विभाग की जमीन और पेड़ प्रभावित हो रहे थे। इसके बाद वन विभाग ने आपत्ति दर्ज कराते हुए जमीन की मांग किया। वन विभाग को प्रभावित जमीन में पेड़ लगाने के लिए 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी गई। अब कार्य जल्द ही शुरू होनें की स्थिति बन रही है।
और वहां से मंजूरी भी मिल गई थी। चिह्नित स्थलों पर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सर्वे शुरू हुआ। पता चला कि वन विभाग की जमीन और पेड़ प्रभावित हो रहे थे। इसके बाद वन विभाग ने आपत्ति दर्ज कराते हुए जमीन की मांग किया। वन विभाग को प्रभावित जमीन में पेड़ लगाने के लिए 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी गई। अब कार्य जल्द ही शुरू होनें की स्थिति बन रही है।
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बनेंगे 12 फ्लाईओवर।