अयोध्या में बंदरों के लिए बनेगा ‘कपि वन’:2028 तक पूरा करने का लक्ष्य, शहर से दूर मिलेगा ठिकाना; DFO बोले- पौध किए जा रहे तैयार।


       अयोध्या के प्रभागीय वन अधिकारी प्रखर गुप्ता ने बताया कि ‘कपि वन’ में स्थानीय प्रजातियों के साथ फलदार पेड़ लगाए जाएंगे। शहरों में हरियाली कम होने के कारण बंदर भोजन और ठिकाने की तलाश में आबादी की ओर आ रहे हैं।

इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और बंदरों के हमले की घटनाएं भी सामने आती हैं। ‘कपि वन’ बनाने का मुख्य उद्देश्य बंदरों को आबादी से दूर उनका प्राकृतिक ठिकाना उपलब्ध कराना है।

आम-जामुन से पीपल और बरगद तक लगाए जाएंगे पेड़

‘कपि वन’ में आम, जामुन, अमरूद, बेर, पीपल और बरगद जैसे पेड़ लगाए जाएंगे। इन पेड़ों से बंदरों को लंबे समय तक भोजन और रहने के लिए प्राकृतिक वातावरण मिल सकेगा। वन विभाग का मानना है कि शहर के बाहर पर्याप्त भोजन और ठिकाना मिलने पर बंदरों के बस्तियों में आने और हमले की घटनाओं में कमी आ सकती है।

‘कपि वन’ का फायदा सिर्फ बंदरों की समस्या तक सीमित नहीं रहेगा। इन क्षेत्रों में पेड़-पौधे बढ़ने से शहरों के आसपास हरियाली बढ़ेगी और स्थानीय जैव विविधता को भी फायदा होगा। वन विभाग के अनुसार, इन वनों को विकसित होने में समय लगेगा, लेकिन तैयार होने के बाद ये बंदरों के साथ-साथ स्थानीय पर्यावरण के लिए भी उपयोगी साबित होंगे।

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