पूर्णिया। गया कोसी एक्सप्रेस तीन दिन बाद आश्विन मास के साथ पितृपक्ष की शुरुआत होने जा रही है। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, पितरों की आत्मा की शांति, तृप्ति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु तीर्थनगरी गया जी जाकर पिंडदान व तर्पण करने की तैयारी में जुट गए हैं।
सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए इस बार गया जी की यात्रा पहले से कहीं अधिक सुगम और किफायती हो गई है। पूर्णिया कोर्ट स्टेशन से हटिया तक चलने वाली कोसी एक्सप्रेस ट्रेन ने पिंडदानियों के सफर को बेहद आसान बना दिया है। पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया जिले के श्रद्धालुओं के लिए यह सीधी रेल सेवा सबसे पसंदीदा माध्यम बनकर उभरी है।
पूर्णिया को भले ही हवाई संपर्क की सुविधा मिल चुकी हो, लेकिन लंबी दूरी और तीर्थ स्थलों के लिए सीधी रेल सेवाओं के मामले में यह इलाका लंबे समय से उपेक्षित रहा था। पूर्व में गया जी के लिए सीधी रेल या सुविधाजनक बस सेवा न होने के कारण लोगों को ट्रेनें बदल-बदल कर यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे वृद्ध तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
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