दिल्ली।नई संसद भवन वास्तुशास्त्र के नियमों का अनुपालन करते हुए निर्मित कराया गया है।
इस दृष्टिकोण से यदि देखा जाए तो कह सकते हैं कि.. "पूत के पांव पालने में ही दिखने लगे हैं.."
बताया जा रहा है कि नए संसद भवन को शत-प्रतिशत वास्तुशास्त्र के नियमों के अनुसार ही बनवाने की पूरी कोशिश की गई है।
शायद उसी का प्रताप है कि उद्घाटन से पूर्व ही हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाएं बिना किसी विशेष प्रयास के ही अपने आप दूर होती जा रही हैं।*
[28/5, 2:14 pm] +91 90051 66651: 28 मई 2023 को नई संसद को भी प्रणाम करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
2023 में संसद के आगे नतमस्तक मोदी
.. नई संसद भवन के उद्धघाटन में समस्त कार्यक्रम हिन्दू रीति रिवाज से हो रहा है। वैदिक मंत्रोचारण से गूंजा नया संसद भवन, पीएम मोदी ने किया उद्घाट हिंदुत्व शक्ति प्रदर्शित होती दिख रही है।