बदला गया नाले का लेआउट
जिला प्रशासन की ओर से गोड़धोइया नाला परियोजना के अंतर्गत जमीन की रजिस्ट्री शुरू करा दी गई थी। लगभग 59 लोगों ने जमीन प्रशासन को दे दी थी। उन्हें मुआवजा भी दे दिया गया था, लेकिन इसी बीच कुछ लोगों ने मकान बचाने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर भी गुहार लगाई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को डिजाइन में इस तरह से बदलाव करने का निर्देश दिया था कि पानी निकलने की व्यवस्था भी रहे और अधिक से अधिक लोगों के घर भी बच सकें। इसके बाद दोबारा सर्वे कराया गया।
नाले के शुरुआती बिंदु पर चौड़ाई 10 मीटर रहेगी। इसके साथ ही दोनों ओर मिलाकर लगभग आठ मीटर चौड़ाई में सड़क व हरित क्षेत्र होगा। यह स्थिति बिछिया पुल तक होगी। इसके बाद नाले की चौड़ाई लगभग पांच मीटर बढ़ेगी। इधर रेलवे की काफी जमीन है। अंतिम बिंदु तक यही चौड़ाई रहेगी। जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश की अध्यक्षता में नाले की डिजाइन को लेकर वेटलैंड समिति की बैठक भी हो चुकी है। जिलाधिकारी ने बताया कि गोड़धोइया नाला परियोजना को जल्द ही आगे बढ़ाया जाएगा। रजिस्ट्री अगले सप्ताह शुरू कराने योजना है।