यूपी में बारावफात और विश्वकर्मा पूजा के मौके पर किसी नई परम्परा की शुरुआत नहीं करने दी जाएगी। साथ ही किसी नए स्थान से जुलूस नहीं निकालने दिया जाए। जिन स्थानों पर किसी तरह का विवाद सामने आया हो, वहां पुलिस व राजस्व विभाग के राजपत्रित अधिकारी पड़ताल कर विवाद को खत्म करने की कार्रवाई करें। डीजीपी प्रशांत कुमार ने दोनों पर्व पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह निर्देश शुक्रवार को जिलों के कप्तान व सभी जोन व रेंज के आईजी व डीआईजी को दिए। डीजीपी ने कहाकि हर थाने पर बनाए गए त्योहार रजिस्टर का अध्ययन कर लिया जाए। साथ ही रजिस्टर नम्बर आठ में उनका पूरा ब्योरा लिख लिया जाए। असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। पीस कमेटी की बैठक करने के साथ ही धर्म गुरुओं के साथ भी पुलिस अधिकारी संवाद कर लें।
जुलूस की वीडियोग्राफी जरूर कराई जाए
डीजीपी प्रशांत कुमार ने सभी जिलों के कप्तानों से कहाकि शोभा यात्रा व जुलूस निकलने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था कर ली जाए। सीसीटीवी कैमरों को चेक कर लिया जाए। साथ ही ड्रोन से भी निगरानी कराई जाए। जुलूस व शोभा यात्रा में जुटने वाली भीड़ का पता कर के उसके हिसाब से पुलिस व्यवस्था की जाए। साथ ही जुलूस के आगे-पीछे राजपत्रित अफसरों की डयूटी जरूर लगाई जाए।
सोशल मीडिया की मॉनीटरिंग जरूरी
डीजीपी ने कहा कि सोशल मीडिया की 24 घंटे मानीटरिंग की जाए। बीते कुछ समय से सोशल मीडिया के जरिये कई बड़ी घटनाओं की पूर्व सूचनाएं मिल गईं, जिससे पुलिस को काफी मदद मिली। इसको देखते हुए सोशल मीडिया की निगरानी बहुत जरूरी हो जाती है।