लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद में खाली 186 पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला गरमाने लगा है। प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में इसे हाई कोर्ट की ओर से घोटाले का नाम दिए जाने के बाद चर्चा गहरा गई है। दरअसल, यूपी विधानसभा की 186 पदों पर हुई नियुक्ति में हर पांचवां कैंडिडेट के वीवीआईपी के रिश्तेदार होने का मामला सामने आया है। यह नियुक्तियां कम से कम 15 समीक्षा अधिकारियों (आरओ) के पदों से संबंधित हैं। इसके अलावा 27 सहायक आरओ और जूनियर पद पर भी नियुक्ति हुई है। आरओ एक राजपत्रित पद के बराबर है जिसका वेतन बैंड 47,600 से 1,51,100 रुपये है। एआरओ का वेतन मैट्रिक्स 44,900 से 1,42,400 रुपये है। इन नियुक्तियों पर उठे सवालों ने सरकार की नीति को भी सवालों के घेरे में ला दिया है।
अखिलेश और शिवपाल के नजदीकियों के बेटों को नौकरी, यूपी विधानसभा नियुक्ति घोटाले में सामने आए सारे नाम।
byManas Samachar
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