सोने का मुकुट और पीले वस्त्र में थे रामलला।
रामजन्मोत्सव पर रामलला ने रत्न जड़ित पीले वस्त्र और सोने का मुकुट धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। दोपहर ठीक 12 बजे रामजन्म के साथ ही सूर्य की किरणों ने चार मिनट तक रामलला का 'सूर्य तिलक' किया। अध्यात्म व विज्ञान के इस अद्भुत संगम को हर कोई अपनी आंखों में बसाने को लालायित दिखा।
सुबह 3:30 बजे से मंदिर के पट खोल दिए गए। भजन, स्तुति के बीच जब 12:00 बजने लगा तब लोगों की आतुरता भी बढ़ती गई। पुजारी ने मंदिर के कपाट खोले तो घंटा घड़ियाल बजने के साथ ही भक्तों ने बड़े भाव से भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौशल्या हितकारी गायन शुरू कर दिया।