दीवाली और छठ के शुरुआत होते ही हल्की-हल्की ठंड शुरू हो जाती है। मौसम में बदलाव होते ही यहां के मंदिर ट्रस्ट ट्रस्ट के अनुसार भगवान श्रीराम के दर्शन की अवधि से लेकर भोग में होने वाले बदलाव किया जाएगा। बदलते हुए मौसम को ध्यान में रखते हुए रामलला के भोग में बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। इन दिनों रामलाल को गुनगुने पानी से नहलाया जाता है। वहीं भोग में अब ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, पिस्ता, किशमिश और काजू आदि को ज्यादा शामिल किया जाता है। जिससे श्रीराम लला को बदलते मौसम में कोई दिक्कत ना हो। राम मंदिर में रामलाल छोटे बालक के रूप में विराजमान है यहां पर पुजारी और संत मिलकर एक बच्चे की तरह उनकी सेवा करते हैं राम लाल की थाली में पंचमेवा और माखन मिश्री का भोग लगाया जाता है मीठे में रबड़ी और पेड़ा का भी भोग लगाते हैं।
गर्मी के दिनों में मंदिर के गर्भ गृह में एसी और कूलर लगातार चल रहे थे उन्हें बंद कर दिया गया है। सुबह या दोपहर में जब गर्मी का अभास होने पर पंखा चलाया जाता है। बताया जा रहा है कि जल्द ही रामलला को ऊनी वस्त्र भी पहनाया जाएगा। साथ ही गर्भ गृह में रजाई इत्यादि की व्यवस्था भी की जाएगी।