स्मार्ट मीटर से आम जन काफी परेशान।


     प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की कवायत जिस तरीके से चल रही थी काफी हद तक इसे लगा दिया गया है प्रीपेड में सबसे बड़ी समस्या यह है एक बार आदमी ने ₹5000 जमा किया उसके 4-5 दिन बाद से मोबाइल में  बिल माइनस दिखाना शुरू कर देता है आदमी को बार-बार बिजली विभाग में माइनस बिल के चक्कर में जाना पड़ता है जल्दी जल्दी बिल का भुगतान करना पड़ता है। इसके पहले जो मीटर लगा था उसमें पूरे माह बत्ती जलाई जाती थी जो भी बिल आता था उसका भुगतान कंज्यूमर हर माह कर दिया करता था लेकिन यह स्मार्ट मीटर लगने के बाद से यह प्रक्रिया बहुत गड़बड़ हो गई है आए दिन मोबाइल पर बकाया बिल दिखाना शुरू कर देता है यदि लगभग -500 बकाया होने के बाद पैसा नहीं जमा हुआ तो बत्ती काट दी जाती है इस प्रकार से बिजली कंज्यूमर बहुत ही परेशान है इस प्रीपेड को खत्म किया जाना नितांत आवश्यक है। अन्यथा पब्लिक परेशान होती रहेगी। सही मायने में तो प्रीपेड मीटर लगाने के लिए यदि कोई आए तो उसे मना कर देना ही इस वक्त हितकारी होगा। जिस जिस ने प्रीपेड मीटर लगवाया है हर व्यक्ति इस मीटर से परेशान है।

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