बाराबंकी। विनियमित क्षेत्र में अवैध आवासीय और व्यावसायिक बिल्डिंग के खिलाफ कार्रवाई कागजों से बाहर नहीं जा सकी है। विभाग ने करीब 350 भवन स्वामियों को उत्तर प्रदेश (भवन निर्माण कार्य विनियमन) अधिनियम, 1958 की धारा-10 के तहत नोटिस जारी किए हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में न तो निर्माण रुके और न ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकी।
हाईवे किनारे और नगर के विस्तारित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बिना नक्शा स्वीकृत कराए मकान, कांप्लेक्स, दुकानें और अन्य व्यावसायिक भवन बन चुके हैं।
इन निर्माणों पर विभाग ने नोटिस तो भेज दी गई है, लेकिन कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। जिससे कई स्थानों पर निर्माण कार्य आज भी जारी है।
सवाल उठ रहा है कि जब अवैध आवासीय और व्यावसायिक भवन चिह्नित हो चुके हैं और नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, यह सवाल उठता है।