बस्ती। विकासखंड गौर अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र पर अक्सर ताला लटका रहता है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। मजबूरी में गरीब परिवार झोलाछाप डॉक्टरों के पास महंगा इलाज कराने को विवश हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर पूरी तरह उपेक्षा का शिकार है। केंद्र के आसपास गंदगी का अंबार लगा है, बड़ी-बड़ी घास उग आई है और परिसर में स्वच्छता का अभाव साफ दिखाई देता है। सबसे गंभीर बात यह है कि पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर में लगा हैंड पंप भी खराब पड़ा है, तथा अन्य जलस्रोत भी अनुपयोगी हैं। भीषण गर्मी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पानी तक नसीब नहीं हो रहा, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोकल निवासियों का आरोप है कि केंद्र कई दिनों से नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहा है और सीएचओ की अनुपस्थिति के कारण सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध रहें और मूलभूत सुविधाएं बहाल की जाएं, तो क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सकती है।
क्षेत्रवासियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर के अधीक्षक डॉ. पुनीत पाण्डेय सहित संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से तत्काल जांच कर केंद्र को नियमित रूप से संचालित कराने, खराब हैंडपंप की मरम्मत कराने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा पीने के पानी सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को बाध्य होंगे।