बिहार का नन्हा आदित्य भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ नवआंदोलन का प्रेरणा स्रोत: अशोक विश्वकर्मा।


ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कहा है कि बिहार का नन्हा 'आदित्य' भ्रष्ट शिक्षा और कानून व्यवस्था के खिलाफ नवआंदोलन का प्रेरणा स्रोत बन गया है। पटना में हुए छात्र आंदोलन (BPSC परीक्षा विवाद) के दौरान 6 वर्षीय आदित्य कुमार अचानक राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियों में आ गया हैं। शिक्षा,बेरोजगारी, पुलिस  कार्रवाई और सरकारी जवाबदेही पर आदित्य के तीखे और बेबाक बयानों ने सबको हैरान कर दिया है। वर्तमान में वह हाथ में संविधान लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरना स्थल पर बैठे हैं और अपने माता-पिता के लिए न्याय की मांग कर रहा हैं। उसकी  निडरता और बोलने की क्षमता नौजवानों और समाज' के लिए साहस और प्रेरणा का प्रतीक है।‌  उन्होंने कहा कि इतनी छोटी उम्र में राजनीतिक और छात्र आंदोलनों में शामिल होना बाल अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के नजरिए से गंभीर  विषय है। आदित्य ने कहा कि जिस प्रकार 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी ने विशाल पहाड़ का सीना चीर दिया था, ठीक उसी तरह वह भी वर्तमान सरकार के घमंड को तोड़कर रहेंगा।आदित्य पहली कक्षा में पढ़ता है और पटना के पुनाईचक में अपने परिवार के साथ रहता है। उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि मां दूसरे घरों में काम करती हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद आदित्य पढ़ाई में तेज है।
BPSC को लेकर उसका सवाल था—“पेपर लीक क्यों हुआ? दोबारा परीक्षा क्यों नहीं होती?”उससे पूछा गया कि तुम्हारी उम्र तो स्कूल जाने की है, प्रदर्शन में क्यों आए हो?तो आदित्य ने कहा—“अभी हम बच्चा हैं, पढ़ेंगे… बड़े होंगे। इसलिए अभी सबको साथ आना चाहिए।”25 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान आदित्य और उसकी मां को पुलिस ने हिरासत में लिया था। परिवार ने पुलिस पर कथित मारपीट के आरोप भी लगाए हैं। इसके बाद आदित्य अपने माता-पिता को न्याय दिलाने के लिए पटना हाईकोर्ट तक पहुंच गया। वह रोज कई घंटे पढ़ाई करता है। उसकी पढ़ाई का खर्च पूर्णिया सांसद पप्पू यादव उठा रहे हैं और उन्हीं की मदद से उसका स्कूल में दाखिला भी हुआ था।

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