केंद्र सरकार का अजब गजब निर्णय महंगाई के दौर में ईपीएफ एव जीपीएफ पर ब्याज दर घटाना दुर्भयपूर्ण, केंद्र सरकार ने फिर 50 साला रिटायरमेंट का किया जिक्र कर्मचारी नाराज-अश्वनी।




        केंद्र सरकार द्वारा जीपीएफ जीपीएफ के ब्याज दर पर की गई .4'/. की कटौती पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा आक्रोश व्यक्त किया गया परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि महंगाई के इस दौर में केंद्र सरकार कर्मचारियों की जेब काट रही हैं, विगत 40 वर्षों में कभी भी ईपीएफ और जीपीएफ पर इतना कम ब्याज कभी भी नहीं मिला है इससे पता लगता है यह सरकार कर्मचारियों का हित नहीं चाहती है मोदी जी के स्लोगन सबका साथ सबका विकास में कहीं भी कर्मचारी का विकास नहीं दिख रहा है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से कर्मचारी बहुत हताश हैं और नाराज है। कर्मचारी हित में मोदी जी को यह निर्णय तुरंत वापस लेना चाहिए।  यह भी बताते चलें पुरानी पेंशन डेढ़ वर्ष के फ्रिज डीए अन्य मांगों को लेकर 28 - 29 मार्च को केंद्र सरकार के समस्त कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं इसी बीच सरकार का यह निर्णय और भी गतिरोध पैदा करेगा
मंत्री श्री अश्विनी श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार के बोतल से फिर 50 साला रिटायरमेंट का दिन निकल गया है जिससे समस्त केंद्र और राज्य के कर्मचारी बहुत ही आक्रोशित हैं एक तरफ जहां देश चलाने वाले नेताओं की कोई उम्र नहीं है वही कर्मचारी समाज रिटायरमेंट के 60 वर्ष की उम्र में भी डाका डाला जा रहा है और कार्य क्षमता के हिसाब से इसे कम कर 50 साल किया जा रहा है इससे लालफीताशाही को बढ़ावा मिलेगा और कर्मचारी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर पाएगा प्रथम दृष्टया इसका असर पुलिस विभाग पर पड़ने लगा है पुलिस मुख्यालय द्वारा 20 मार्च तक ऐसे सभी कर्मचारियों की लिस्ट मांगी गई है जो कार्य करने में अक्षम हो उन्हें शासन के पत्र दिनाक 26 अक्तूबर 1985 के अनुसार अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। यदि सरकार यह निर्णाय लागू करती है तो उसे चाहिए कि या तो कर्मचारी के परिवार के किसी बच्चे को इसकी जगह नौकरी दे या कर्मचारी का 60 वर्ष का मिलने वाला समस्त लाभ देकर के उसे रिटायर करें अन्यथा यह निर्णयतुरंत वापस लेना चाहिए।
       उपाध्यक्ष मदन मुरारी शुक्ला ने कहा किस शासन के गलियारों में यह भी खबर चल रही है की सरकार कई विभागों को बंद करके दूसरे विभाग में मर्ज करेगी इससे रोजगार भीबेरोजगार हो जायेंगे बेरोजगारी और अपने चरम पर पहुंचेगी सरकार को चाहिए सभी विभागों को यथावत चलने दे और उसमें नियमित भर्ती करें। 
      इस अवसर पर इंजीनियर श्री नाथ गुप्ता अनिल किशोर पांडेय  कृष्ण मोहन गुप्ता तारकेश्वर शाही मदन मुरारी शुक्ल वरुण वैरागी बृजेश श्रीवास्तव अनूप कुमार हरीश कुमार श्रीवास्तव रविंद्र राय अरुण द्रिवेदी जयराम गुप्ता अरविंद सिंह शीला पांडेय विनीता सिंह विजय शर्मा मो० आरिफ रामधनी पासवान फुलई पासवान अजय सोनकर निसार अहमद एस के विश्वकर्मा भारतेंदु यादव शब्बीर अली इजहार अली नितेश जितेंद्र कुमार अजय सिंह पृथ्वीनाथ गुप्ता उदय प्रताप सिंह प्रभु दयाल सिन्हा सत्य प्रकाश श्रीवास्तव उमेश आदि उपस्थित रहे।

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