योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने गंगा में छोड़ीं ढाई लाख मछलियां, जलीय जीवों के संतुलन में आएगा सुधार

        कानपुरः उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के जलीय जीवों का संतुलन बिगड़ गया था। गुरुवार को प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गंगा नदी में 2.50 लाख मछलियों को छोड़ा। इसके बाद एक लाख मछलियों को और छोड़ा जाएगा। गंगा में मछलियों को छोड़ने से जलीय जीवों के बैलेंस में सुधार आएगा और पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा। मत्स्य मंत्री ने बताया कि मछलियों का आधार कार्ड भी है। चिप में उनकी डिटेल रहती है और किस नदी की मछली है, यह पता लगाना बेहद आसान हो जाता है। मत्स्य मंत्री डॉ संजय निषाद गुरूवार को कानपुर पहुंचे। प्रधानमंत्री सम्पदा योजना के तहत विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के साथ गंगा नदी में ढाई लाख मछलियों को प्रवाहित किया।
       एक लाख मछलियां और छोड़ी जाएंगी
इस दौरान उन्होंने कानपुर के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, और कानपुर के मछुआरों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को दूर करने का अश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया कर्मियों से भी बात की। मत्स्य मंत्री डॉ संजय निषाद ने बताया कि रिवर रैंचिंग कार्यक्रम में देश के मत्स्य पालकों और अधिकारियों को धन्यवाद देता हूं। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के माध्यम से 2.50 लाख मछलियों को गंगा में छोड़ा गया है। एक लाख और मछलियों को गंगा में छोड़ा जाएगा। नदियों से सिर्फ दोहन किया जाता था। उसमें कुछ भी डाला नहीं जाता था। उदासीन रवैए की वजह से प्रतिबंधित जाल पर रोक नहीं लगती थी। हम लोगों ने जून, जुलाई और अगस्त में प्रजनन का समय होता है। प्रजनन समय पर हम लोगों ने मछलियों को मारने पर रोक लगा रखी थी।

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