प्रयागराज स्थित प्रदेश के हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारी की एक याचिका पर फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की डबल बैंच ने स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारी के रिटायरमेंट के दो वर्ष पूर्व उसे गृह जनपद में नियुक्ति देने का नियम अधिकारियों पर बाध्यकारी है।
प्रदेश की सबसे बड़ी अदालत हाईकोर्ट ने कहा तबादला नीति का शासनादेश जारी है तो कर्मचारी को उसका लाभ मिलने की उम्मीद होती है। यह आदेश उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में तृतीय श्रेणी कर्मचारी मुरादाबाद के निवासी जितेन्द्र सिंह की विशेष अपील पर दिया है। याची खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में 1995 मे नियुक्त हुआ। वह फरवरी 25 में रिटायर होने वाला है।