अयोध्या में अब तक हर घर में मंदिर होता था हर मंदिरों में छात्र पढ़ने के लिए आते थे उसी मंदिर में जगह पाए थे हर मंदिरों में वेद पाठ होता था संस्कृत की पढ़ाई होती थी आध्यात्मिक जगत में संस्कृत आत्मा मानी जाती है लेकिन अब घर-घर में मंदिर की परंपरा तो बनाए हैं लेकिन लगभग अधिकतर मंदिरों में बाहर गेस्ट हाउस के बोर्ड लगे हुए हैं अब अयोध्या के ज्यादातर मंदिर गेस्ट हाउस के रूप में परिवर्तित होते जा रहे हैं।
अयोध्या के मंदिरों का स्वरूप अब बदलता जा रहा है।
byManas Samachar
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