अयोध्या पंचकोसी परिक्रमा में लाखों लाख भक्तों ने की परिक्रमा।



  अयोध्या। प्रत्येक वर्ष 14 कोसी परिक्रमा के बाद पंचकोसी परिक्रमा पड़ती है देवोत्थानी एकादशी की पुण्य बेला में रामनगरी की पंचकोसी परिक्रमा का मुहूर्त तो शनिवार को सुबह 4:02 बजे से लगा, किंतु परिक्रमा मार्ग पर आस्था का प्रवाह मुहूर्त से पहले ही उमड़ पड़ा परिक्रमार्थी 4:00 बजे के पहले ही अपनी अपनी परिक्रमा उठा दिए यह पंचकोसी परिक्रमा लगभग 15 किलोमीटर का होता है यह अयोध्या में जालपा नाला ब्रह्म कुंड नया घाट तथा अन्य जगहों से लोग अपनी सुविधा अनुसार परिक्रमा उठाते हैं जहां से परिक्रमा उठाते हैं वहीं पर आकर अपनी परिक्रमा पूर्ण करते हैं ज्यादातर परिक्रमाराथी परिक्रमा उठाने के पहले परिक्रमा महारानी का प्रणाम पृथ्वी छूकर करते हैं जय श्री राम करके परिक्रमा को उठाते हैं।
        यह अवसर श्री राम और उनकी नगरी के प्रति समर्पण के चरम का परिचायक सिद्ध हो रहा था। लंबी पदयात्रा के माध्यम से प्रवहमान  आस्था के प्रवाह में युवा और प्रौढ़ थे ही, बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल थीं । यत्र-तत्र सेल्फी के साथ पथ पर आगे बढ़ रहे युवा परिक्रमा की परंपरा को नया आयाम दे रहे थे, तो कई सारे ऐसे समूह थे, जो राम धुन के साथ परिक्रमा मार्ग पर बढ़ रहे थे।

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