इतना ही नहीं प्रत्येक निमंत्रण पत्र के लिए एक गुप्त कोड आवंटित किया गया है। इस कोड को सम्बन्धित अतिथि को प्रवेश द्वार पर जांच वाले सुरक्षा अधिकारी को बताना होगा। ध्वजारोहण समारोह के लिए भी उसी तरह के सुरक्षा मानक निर्धारित किए गए हैं जिस तरह से रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के समय तय किया गया था। इस समारोह में इस बार देश भर की हस्तियों के बजाय पूर्वी उत्तर प्रदेश की विभिन्न विधाओं के अग्रणी लोगों के अलावा संत-महंतो एवं राम मंदिर में बड़ा योगदान देने वाले रामभक्तों को भी आमंत्रित किया गया है।