जलभराव और फसल की रोगों से बचाव के लिए यूपी की चीनी मिलों ने बढ़ाई किसान जागरूकता।


         लखनऊ। राज्य के विभिन्न हिस्सों में गन्ने की फसल में रोग और कीटों के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों ने किसानों के बीच जागरूकता और संपर्क अभियान तेज कर दिया है। उत्तम शुगर मिल्स और शामली शुगर मिल जैसी मिलों ने पहले ही फसल सुरक्षा को लेकर किसानों के लिए सलाह जारी की है। इसी क्रम में सिसवा आईपीएल शुगर मिल ने किसानों से जलभराव वाले खेतों से समय पर पानी निकालने की अपील की है, ताकि रेड रॉट और विल्ट जैसी बीमारियों का खतरा कम किया जा सके।

मिल की ओर से जारी सलाह में किसानों को भारी बारिश के बाद गन्ने के खेतों का निरीक्षण करने और खेतों में जमा पानी को तत्काल बाहर निकालने के लिए उचित जल निकासी नालियां बनाने को कहा गया है। सलाह के अनुसार, खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से गन्ने की जड़ों तक हवा की आपूर्ति प्रभावित होती है। इससे पौधे कमजोर पड़ सकते हैं और बीमारियों के फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। समय पर जल निकासी करने से जड़ों के आसपास पर्याप्त वायु संचार बना रहता है और फसल का स्वस्थ विकास सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

         लंबे समय तक जलभराव से फसल को नुकसान

लगातार जलभराव रहने से गन्ने की जड़ प्रणाली कमजोर हो सकती है, पौधों की वृद्धि रुक सकती है और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन, दोनों प्रभावित हो सकते हैं। 

मिल प्रबंधन के अनुसार, समय पर जल निकासी और गन्ने के खेतों की नियमित निगरानी से रोगों के खतरे को कम करने और संभावित फसल नुकसान से बचाव में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।

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