गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने छात्रों को मिड टर्म परीक्षा से राहत देने का निर्णय लिया है। अब मिड टर्म परीक्षा को इंड टर्म की परीक्षा के साथ कराने की योजना बनाई जा रही है। इससे विद्यार्थियों का बार-बार परीक्षा देने का तनाव तो कम होगा ही, उन्हें पढ़ाई के लिए भी डेढ़ से दो महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा।गोविवि में सत्र 2021-22 में सीबीसीएस पैटर्न लागू किया गया था। तब से छात्रों को मिड टर्म परीक्षाएं भी देनी होती थीं। मिड टर्म परीक्षाएं प्राय: अक्तूबर में होती थीं। इधर स्नातक और परास्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश भी परीक्षा के एक हफ्ते पहले तक लिया जाता था।
यानी प्रवेश लेने के एक हफ्ते में सैकड़ों विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम के बारे में समझ भी नहीं पाते थे, तभी उन्हें परीक्षा में बैठना पड़ता था। इसे लेकर विद्यार्थियों से लेकर कॉलेजों तक में रोष था। पहले ही सत्र से मिड टर्म परीक्षाओं का घोर विरोध किया जा रहा था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। छात्र और कॉलेज के प्राचार्यों ने कुलपति से मुलाकात कर मिड टर्म से निजात दिलाने की मांग की।
30 सितंबर से प्रस्तावित थी परीक्षा
वर्तमान सत्र में 30 सितंबर से मिड टर्म परीक्षाएं प्रस्तावित थीं। जबकि अभी विवि से लेकर कॉलेजों तक में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन से शिकायत की गई तो उन्होंने पुराने फैसले को पलटते हुए मिड टर्म परीक्षा खत्म करने का निर्णय लिया है।