बुधवार को पेश होने वाले यूपी सरकार के अनुपूरक बजट से पहले सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट मीटिंग में 25 प्रस्तावों पर मुहर लग गई।
कैबिनेट में राजस्व कार्यपालक नायब तहसीलदार सेवा नियमावली को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने आयुर्वेदिक और यूनानी भेषजिक सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली-2023 पर मुहर लगा दी है।
यूपी सरकार ने राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति में आने वाली बाधा को दूर कर दिया है। नायब तहसीलदार के पदों पर अब वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति होगी। इससे सालों से पदोन्नति के इंतजार में बैठे राजस्व निरीक्षक संवर्ग में आए अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ राजस्व कार्यपालक (नायब तहसीलदार) सेवा (तृतीय संशोधन) नियमावली-2023 को मंजूरी दे दी गई है। इससे फैसले के बाद सालों से पदोन्नति के इंतजार में राजस्व निरीक्षकों संवर्ग में आए 173 अधिकारियों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है।
नायब तहसीलदार के 50 फीसदी पदों पर राजस्व निरीक्षकों को पदोन्नति दी जाती है। राजस्व परिषद ने वर्ष 2012 में सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो, रजिस्ट्रार कानूनगो और भूलेख लिपिक का राजस्व निरीक्षक संवर्ग में विलय कर दिया गया। इसके लिए वर्ष 2014 में राजस्व निरीक्षक सेवा नियमावली जारी की गई। इसके बाद भी नायब तहसीलदार के पद पर राजस्व निरीक्षक के पदोन्नति का कोटा 41 प्रतिशत और सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो, रजिस्ट्रार कानूनगो और भूलेख लिपिक का कोटा नौ प्रतिशत ही रहा। इससे राजस्व निरीक्षक संवर्ग में आने के बाद भी इनको नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति सालों से नहीं मिल पा रही थी। नियमावली में संशोधन के बाद 41 व नौ प्रतिशत की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति होगी। राज्य सरकार के इस फैसले से सालों से पदोन्नति के इंतजार में बैठे इन अधिकारियों को राहत मिली है।
अब गणित से इंटर वाले भी बनेंगे यूनानी फार्मासिस्ट पाएंगे नौकरी।