योगी कैबिनेट फैसला: 25 मसौदे हुए मंजूर, जानें किन प्रस्तावों पर लगी मुहर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 25 प्रस्तावों पर मुहर लग गई है। कैबिनेट मीटिंग में शिक्षकों की भर्ती के लिए गठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमावली को मंजूरी दे दी गई।      
      नियमावली के अनुसार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों का चयन एक सर्च कमेटी द्वारा किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। सूचीबद्ध किए गए अभ्यर्थियों की सूची मुख्यमंत्री के पास अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी। इसके साथ ही तीन मंडलों में राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए नया विधेयक लाने पर सहमति बन गई।
        नियमावली में यह प्रावधान किया गया है कि आयोग में एक सचिव, एक परीक्षा नियंत्रक, एक वित्त नियंत्रक, न्यायिक सेवा के एक विधि अधिकारी, एक वित्त एवं लेखा अधिकारी तथा आउटसोर्स से एक कम्प्यूटर एवं आईटी समन्वयक नियुक्त होंगे। चार उप सचिव राज्य सरकार द्वारा प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किए जाएंगे, जिनका कार्यकाल तीन साल से अधिक नहीं होगा। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग प्रयागराज और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सभी पूर्णकालिक कर्मचारी आयोग में समाहित कर दिए जाएंगे।

       बुधवार को पेश होने वाले यूपी सरकार के अनुपूरक बजट से पहले सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट मीटिंग में 25 प्रस्तावों पर मुहर लग गई।

      कैबिनेट में राजस्व कार्यपालक नायब तहसीलदार सेवा नियमावली को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने आयुर्वेदिक और यूनानी भेषजिक सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली-2023 पर मुहर लगा दी है।

  यूपी सरकार ने राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति में आने वाली बाधा को दूर कर दिया है। नायब तहसीलदार के पदों पर अब वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति होगी। इससे सालों से पदोन्नति के इंतजार में बैठे राजस्व निरीक्षक संवर्ग में आए अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है।।       मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ राजस्व कार्यपालक (नायब तहसीलदार) सेवा (तृतीय संशोधन) नियमावली-2023 को मंजूरी दे दी गई है। इससे फैसले के बाद सालों से पदोन्नति के इंतजार में राजस्व निरीक्षकों संवर्ग में आए 173 अधिकारियों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है।

      नायब तहसीलदार के 50 फीसदी पदों पर राजस्व निरीक्षकों को पदोन्नति दी जाती है। राजस्व परिषद ने वर्ष 2012 में सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो, रजिस्ट्रार कानूनगो और भूलेख लिपिक का राजस्व निरीक्षक संवर्ग में विलय कर दिया गया। इसके लिए वर्ष 2014 में राजस्व निरीक्षक सेवा नियमावली जारी की गई। इसके बाद भी नायब तहसीलदार के पद पर राजस्व निरीक्षक के पदोन्नति का कोटा 41 प्रतिशत और सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो, रजिस्ट्रार कानूनगो और भूलेख लिपिक का कोटा नौ प्रतिशत ही रहा। इससे राजस्व निरीक्षक संवर्ग में आने के बाद भी इनको नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति सालों से नहीं मिल पा रही थी। नियमावली में संशोधन के बाद 41 व नौ प्रतिशत की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति होगी। राज्य सरकार के इस फैसले से सालों से पदोन्नति के इंतजार में बैठे इन अधिकारियों को राहत मिली है।

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