वाराणसी: अस्सी घाट पर सर्वधर्म समभाव के अंतर्गत कार्यक्रम कराया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर कव्वाली का भी आयोजन हुआ। इस पर पंडे-पुरोहित समेत स्थानीय लोग भड़क गए। उन्होंने कार्यक्रम आयोजित करने वालों का विरोध शुरू कर दिया। माहौल के बारे में पता चलते ही एसीपी स्तर के अधिकरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं लेने का हवाला देते हुए कार्यक्रम को बंद करा दिया। स्थानीय पुरोहितों ने तीखी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि क्या किसी दरगाह या मस्जिद में हमें भी हनुमान चालीसा या शिव तांडव गाने दिया जाएगा?
अस्सी घाट पर सुबह ए बनारस के मंच पर एक सर्वधर्म समभाव के अंतर्गत एक संगठन ने कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में मुस्लिम संस्था से जुड़े लोगों के अलावा संकट मोचन मंदिर के महंत विशंभर नाथ मिश्रा भी मौजूद थ। कार्यक्रम के बाद गंगा नदी में बजरे पर बिस्मिल्लाह खान के प्रपौत्र ने अपने शहनाई वादन का प्रदर्शन करते हुए कर सर्व धर्म समभाव का संदेश दिया। इसके बाद कव्वाली कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जैसे ही कव्वाली शुरू हुई तो स्थानीय पंडे और पुरोहित भड़क उठे। उनका कहना था कि अस्सी घाट हमारे धार्मिक क्रियाकलापों के लिए एक पवित्र जगह है। ऐसे में यहां पर अली मौला और भर दे झोली मेरे मोहम्मद जैसे कव्वाली का प्रदर्शन सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर सद्भाव को बिगाड़ रहा है।
क्या हमें दरगाह पर शिव तांडव पाठ की इजाजत मिलेगी'
पुरोहित बलराम मिश्रा ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि हम किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन क्या हमें भी किसी दरगाह या किसी मस्जिद में हनुमान चालीसा या शिव तांडव का पाठ करने के लिए प्रशासन इजाजत देगा। हर धार्मिक जगह का अपना एक दायरा होता है और उसी के अनुसार कार्यक्रम की इजाजत दी जाती है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर धर्म विशेष के प्रचार के प्रयास का विरोध हम लोग करते रहेंगे।
विरोध की खबर सुनते ही पहुंची पुलिस, बंद कराया कार्यक्रम।
गंगा किनारे अस्सी घाट पर किये गए विरोध के कारण स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी भेलूपुर ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम के आयोजकों से कार्यक्रम के परमिशन के लिये पूछताछ की। एसीपी प्रवीण सिंह ने एनबीटी ऑनलाइन को बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही संस्था ने कव्वाली का कार्यक्रम बंद कर दिया था। पता चला कि इस कार्यक्रम के लिए उन्होंने कोई परमिशन नहीं लिया था। शिकायत मिलने पर जांच करके वैधानिक कार्रवाई करने का आश्वासन पुलिस अधिकारियों ने दिया।