महाकुंभ की तैयारियों के बीच शनिवार को सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप में कुंभ मेला डिवीजन के तीन अवर अभियंताओं के निलंबन की संस्तुति कर दी गई। इन सड़कों के निर्माण में मानक और गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप है। प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी ने मुख्य अभियंता से रिपोर्ट तलब की थी। शासन की सख्ती के बाद कार्रवाई की गई।शासन से सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत बीते जून महीने में सोरांव की सपा विधायक गीता शास्त्री के लेटर पैड से की थी। जांच शुरू हुई। लेकिन, फाइल बीच में अटक गई। इस बीच 16.83 करोड़ रुपये की लागत वाली 10.50 किमी लंबी झूंसी -गारापुर मार्ग के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने गड़बड़ी पाई थी। थर्ड पार्टी से जांच कराने के साथ ही पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को उन्होंने चेतावनी भी दी थी।
कई अन्य सड़कों की भी मिली थी शिकायत
इसी तरह 10.50 किमी लंबे बड़गांव बागी -मऊआइमा मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण में भी गड़बड़ी की कई बार शिकायतें की गईं। इस सड़क की लागत 23.26 करोड़ रुपये है। इसके अलावा सात किमी लंबे अगरापट्टी-मुबारकपुर संपर्क मार्ग में भी मानक की अनदेखी की शिकायत की गई थी। मामला जब लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद की जानकारी में आया तब उन्होंने अफसरों से रिपोर्ट तलब कर ली। प्रमुख सचिव के निर्देश पर मुख्य अभियंता विजय कन्नौजिया ने शनिवार को अवर अभियंता सुमित सिंह, दीपक कुमार और निर्भय तिवारी को निलंबित करने की संस्तुति कर दी।
इसी तरह 10.50 किमी लंबे बड़गांव बागी -मऊआइमा मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण में भी गड़बड़ी की कई बार शिकायतें की गईं। इस सड़क की लागत 23.26 करोड़ रुपये है। इसके अलावा सात किमी लंबे अगरापट्टी-मुबारकपुर संपर्क मार्ग में भी मानक की अनदेखी की शिकायत की गई थी। मामला जब लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद की जानकारी में आया तब उन्होंने अफसरों से रिपोर्ट तलब कर ली। प्रमुख सचिव के निर्देश पर मुख्य अभियंता विजय कन्नौजिया ने शनिवार को अवर अभियंता सुमित सिंह, दीपक कुमार और निर्भय तिवारी को निलंबित करने की संस्तुति कर दी।
बताया जा रहा है कि गड़बड़ी का यह मामला तो सिर्फ नमूना भर है। 14 और सड़कों के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है। अगर जांच कराई गई तो आठ से अधिक सहायक अभियंताओं के साथ ही अवर अभियंता पर कार्रवाई हो सकती है।