मनीष चौहान के पिता सरकारी नौकरी में कार्यरत थे, इनकी प्रारंभिक शिक्षा भरतपुर में हुई औऱ फइर आईआईटी कानपुर के लिए इनका चयन हो गया. साल 1996 में कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद आईआईएम कोलकाता में मनीष ने प्रवेश लिया और साल 1998 में एमबीए करने के दो साल के बाद भारतीय सिविल सेवा में उनका चयन हो गया IAS मनीष चौहान उत्तर प्रदेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 95 अफसरों को क्रिसमस के मौके पर शानदार गिफ्ट दिया है. दरअसल नये साल 2025 से पहल इन अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। इनमें से एक आजमगढ़ के मंडलायुक्त मनीष चौहान व खाद्य आयुक्त सौरभ बाबू के साथ ही 7 आईएएस अफसरों को सचिव पद से प्रमुख सचिव पद पर पदोन्नति दी गई है।
मनीष चौहान आखिर कौन हैं
मनीष चौहान को सचिव पद से प्रमुख सचिव के पद पर प्रमोशन दिया गया है. आइए जानें मनीष चौहान आखिर कौन हैं और यूपी में उन्होंने प्रशासनिक रूप से क्या क्या और कहां कहां काम किया है.
2020 के जून में यूपी वापसी
मनीष चौहान आजमगढ़ के जिलाधिकारी का पदभार भी पहले संभाल चुके हैं. राजस्थान सरकार के अलग अलग विभागों में प्रमुख पदों पर मनीष चौहान रह चुके हैं और राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सचिव के पद पर भी मनीष चौहान की पोस्टिंग हो चुकी है. उन्होंने राजस्थान में डेप्यूटेशन पर अलग-अलग विभागों में रहते हुए अपनी सेवाएं दे चुके हैं. साल 2020 के जून में उनकी वापसी उत्तर प्रदेश में हुई