इस बार दीपोत्सव 19 अक्तूबर को मनाया जाएगा। दीपोत्सव और कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस दौरान लेजर शो, ड्रोन शो और लाखों दीपों की रोशनी से सरयू तट जगमगाएगा। आयोजन को जिला प्रशासन की ओर से अवध विश्वविद्यालय और विभिन्न विभागों के समन्वय से विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को बैठक हुई। डीएम ने बताया कि राम की पैड़ी दीपोत्सव का मुख्य स्थल रहेगा। पिछले साल दीपोत्सव में 25 लाख दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया था। इस बार दीपों की संख्या अधिक करने का मंथन किया जा रहा है। अवध विश्वविद्यालय के साथ मिलकर यह तय किया जा रहा है कि राम की पैड़ी पर कहां-कहां दीपक जलाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले दीपोत्सव में दीपक से तेल निकालने की घटना हो चुकी है। इस बार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाया जाएगा। दीपोत्सव की तैयारियों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभागों को जिम्मेदारियां बांटी जा चुकी हैं। शासन स्तर पर पर्यटन व संस्कृति विभाग के अधिकारियों को भी नामित किया जाएगा। दीपक निर्माण की टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी हों और दीपोत्सव कार्य सुचारू रूप से चल सके।
उन्होंने राम की पैड़ी सहित दीपोत्सव स्थल पर निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्थाओं से कहा कि 30 सितंबर तक निर्माण कार्य पूरा करते हुए निर्माण सामग्रियों को हटाया जाना सुनिश्चित करें। एडीएम सिटी योगानंद पांडेय ने दीपोत्सव के तिथिवार विवरण की जानकारी दी। साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली झांकी व शोभायात्रा, रामकथा पार्क के कार्यक्रम, सरयू आरती व राम की पैड़ी के कार्यक्रम के बारे में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने तैयारियों का ब्योरा प्रस्तुत कर दिया गया है।
बैठक में सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह, एडीएम एफआर महेंद्र सिंह, सीएमओ डाॅ. सुशील कुमार, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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दीपोत्सव 2025