अयोध्या। सपा के जिला पंचायत सदस्य राजा मान सिंह पर शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने अवैध रूप से अर्जित की गई उसकी संपत्तियाें की सूची तैयार करके जिला प्रशासन को सौंपा है। उसकी मालियत निर्धारित करके कुर्की की तैयारी की जा रही है।
बीते छह अगस्त को पूराकलंदर क्षेत्र के सरियांवा निवासी जिला पंचायत सदस्य राजा मान सिंह, उसकी पत्नी नीतू सिंह समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस पर कई लोगों से करोड़ों की ठगी के आरोप थे। कई अन्य लोगों ने इसी मामले में केस दर्ज कराया तो पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया। उसके गैंग से जुड़े लोगों को एक-एक करके दबोचा गया। साथ ही अपराध के दम पर जुटाई गई उसकी संपत्तियों पर भी नजर दौड़ाई गई।
राजस्व टीम के साथ मिलकर तहसील सोहावल, बीकापुर और सदर में उसकी संपत्तियां खंगाली गईं तो इनकी संख्या लगभग एक दर्जन बताई गई। इनमें रानी बाजार स्थित उसका निर्माणाधीन होटल समेत कुछ अन्य जमीनें शामिल हैं। हालांकि, इनमें कुछ संपत्तियां उसकी पैतृक बताई जा रही हैं। फिर भी अब तक सामने आईं सभी संपत्तियों की मालियत निर्धारित करने के लिए जिला प्रशासन को सूची भेजी गई है। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद इन संपत्तियों को कुर्क करके रिकवरी की तैयारी की जा रही है। वहीं, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि पत्रावली का अवलोकन कराया जा रहा है। इसके बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। इटावा और रायगंज के दो लोगों ने दर्ज कराया था केस
इटावा और अयोध्या के रायगंज निवासी दो लोगों ने शिकायत की थी। जांच में आरोप सही साबित होने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। बाद में आजमगढ़, कन्नौज समेत कई अन्य जिले से पीड़ित सामने आए तो सभी मामलों में केस दर्ज किया गया। बड़े पैमाने पर ठगी का मामला होने से इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एएसपी देवेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में बनी एसआईटी हर पहलू की जांच कर रही है। अब तक इस गिरोह के लगभग 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस तरह हुई थी ठगी
ज्यादातर मामलों में बिचौलियों के जरिये लोग मान सिंह के संपर्क में आए थे। अयोध्या में कीमती जमीनों में निवेश के नाम पर उन्होंने मोटी रकम लगाई। बाद में उन्हें पैसा डूबने का हवाला देकर जाली नोटों से अपना पैसा निकाल लेने का प्रलोभन दिया गया। बाद में शेष रुपये भी छीन लिए गए। विरोध करने पर पीड़ितों की क्रूरतापूर्वक पिटाई की गई और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।
इटावा और अयोध्या के रायगंज निवासी दो लोगों ने शिकायत की थी। जांच में आरोप सही साबित होने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। बाद में आजमगढ़, कन्नौज समेत कई अन्य जिले से पीड़ित सामने आए तो सभी मामलों में केस दर्ज किया गया। बड़े पैमाने पर ठगी का मामला होने से इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एएसपी देवेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में बनी एसआईटी हर पहलू की जांच कर रही है। अब तक इस गिरोह के लगभग 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस तरह हुई थी ठगी
ज्यादातर मामलों में बिचौलियों के जरिये लोग मान सिंह के संपर्क में आए थे। अयोध्या में कीमती जमीनों में निवेश के नाम पर उन्होंने मोटी रकम लगाई। बाद में उन्हें पैसा डूबने का हवाला देकर जाली नोटों से अपना पैसा निकाल लेने का प्रलोभन दिया गया। बाद में शेष रुपये भी छीन लिए गए। विरोध करने पर पीड़ितों की क्रूरतापूर्वक पिटाई की गई और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।