गोरखपुर में: तीसरी लाइन बनने के बाद दौड़ेंगी ट्रेनें।


      गोरखपुर। डोमिनगढ़ से कुसम्ही तक बिछाई जा रही तीसरी लाइन का काम पांच चरणों में पूरा होगा। मार्च तक होने वाले इस कार्य के चलते अलग-अलग तारीखों में लखनऊ-गोरखपुर-छपरा रेल मार्ग पर ब्लॉक लेना पड़ेगा। जब ब्लॉक लिया जाएगा तो ट्रेनें फिर निरस्त होंगी और यात्रियाें को दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी। लेकिन इसके बाद ट्रेनों के संचलन में कोई बाधा नहीं आएगी। तीसरी लाइन से मालगाड़ी और ट्रेनों को गुजारने में आसानी होगी। इससे प्लेटफाॅर्म खाली रहेंगे और पास के स्टेशनों पर ट्रेनों को काफी देर तक रोकना नहीं पड़ेगा।गोरखपुर स्टेशन से हर दिन 150 से अधिक ट्रेनें और 40 से ज्यादा मालगाड़ियां चलती हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह के वक्त दिल्ली से गोरखपुर होकर बिहार जाने वाले ट्रेनों के आने के समय होती है। ट्रैक खाली नहीं होने के चलते डोमिनगढ़ से गोरखपुर जंक्शन के बीच रोकना पड़ता है। इसी तरह बिहार और वाराणसी की तरफ से आने वाले ट्रेनों को भी कैंट, पिपराइच, कुसम्ही आदि स्टेशनों पर रोक दी जाती हैं।इस वजह से समय से चलने वाली ट्रेनें भी गोरखपुर जंक्शन आते-आते देर हो जाती थीं। इसे देखते हुए वर्ष 2021 में डोमिनगढ़-गोरखपुर-कुसम्ही के बीच तीसरी लाइन बिछाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा जंगल नकहा में कार्गो स्टेशन बन जाने के बाद गोरखपुर-जंगल नकहा रेल लाइन के दोहरीकरण को भी मंजूरी दे दी गई। इसके लिए कुल 186 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। अब इस पर काम शुरू हुआ है, जो मार्च तक पूरा होगा।
अगले महीने डोमिनगढ़ स्टेशन पर शुरू होगा काम

रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, दोहरीकरण व तीसरी लाइन का पूरा काम मार्च 2024 में पूरा होगा। इस योजना के पहले चरण का काम जंगल नकहा स्टेशन पर दूसरी लाइन बिछाने का था, जिसे पूरा कर लिया गया है। इसके बाद दूसरे चरण में कुसम्ही से गोरखपुर कैंट तक का काम चल रहा है। इसके चलते मेगा ब्लॉक लिया गया है। तीसरे चरण मेंं अक्तूबर में डोमिनगढ़ स्टेशन पर तीसरी लाइन बिछाने का काम शुरू होगा। चौथे चरण में दिसंबर में डोमिनगढ़ से गोरखपुर जंक्शन के बीच और पांचवे चरण में जनवरी में गोरखपुर जंक्शन-गोरखपुर कैंट के बीच तीसरी लाइन का काम पूरा किया जाएगा। मार्च तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करना है।

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