
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोंगरवाल ने कहा कि नंदानगर बस पार्किंग स्थल का जायजा लेकर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। इसका टेंडर भी कर दिया गया है। जल्द ही व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त कर दी जाएगी।।
गोरखपुर शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए निजी बसों का प्रवेश सोमवार से पूरी तरह बंद करा दिया गया है। अगले चरण में मेडिकल कॉलेज के पास बने स्टैंड को दुरुस्त किया जाएगा। विश्वविद्यालय चौराहे से बसों को नंदानगर स्टैंड से चलाने के बाद रविवार को मोहद्दीपुर रूट की सड़कों पर गाड़ियां आसानी से फर्राटा भरती रहीं। उसके बाद से इस रूट पर पूरे दिन जाम नहीं लगा।इसी के साथ देवरिया, कुशीनगर और बिहार रूट की बसों को अब नंदानगर में बने स्टैंड से चलाया जा रहा है।
नगर निगम ने यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं के लिए भी वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। मसलन, पीने के लिए पानी के टैंकर खड़े किए जा रहे हैं और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था भी की गई है। स्टैंड पर लाइटें भी लगा दी गई हैं। जल्द ही बसों के आने-जाने के लिए अलग रास्ते बनाए जाएंगे।
एडीजी अखिल कुमार की अगुवाई में कमिश्नर अनिल ढींगरा और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोंगरवाल सहित अन्य अधिकारियों ने 21 सितंबर को यूनिवर्सिटी चौक रोडवेज बस डिपो का निरीक्षण करके मास्टर प्लान तैयार किया। इसमें नंदानगर में टीबी अस्पताल के पास खाली जगह पर एक अक्तूबर से निजी बसों को चलाने का फैसला हुआ। जबकि महराजगंज रूट के लिए मेडिकल कॉलेज के पास खाली जगह चिह्नित हुई। रविवार की दोपहर नंदानगर से निजी बसों का संचालन शुरू हो गया। लेकिन यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई।